BoycottChina, Army with bullet, Civilians with wallet, BoycottChineseApp

पता नहीं ये सोच कैसे सकते है ये बात हमारे यंहा बन्दर शर्ट के बटन खाने के बाद छोड़ते है उतनी तो इनकी आँखे खुलती है

हम हर रोज कश्मीर में आतंकवादियों से लड़ते है और रोज अभ्यास करते है पहाड़ो में लड़ने का इनके बटन जैसे आँखे तो खुलेंगे नहीं ये साले लड़ेंगे क्या ?

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