ब्रिटेन की सरकार ने 5G वायरलेस नेटवर्क डिवेलप करने के लिए जापान से मदद मांगी है। इससे पहले ब्रिटेन में हुवावे 5G नेटवर्क डिवेलप कर रही थी। ब्रिटेन ने कुछ समय पहले ही चीन की Huawei पर बैन लगाया है। इससे पहले अमेरिका भी हुवावे पर बैन ला चुका है। अमेरिका और चीन के बीच बीते काफी समय से टेक्नॉलजी और सिक्यॉरिटी को लेकर तनाव की स्थिति बनी है। इस सिलसिले में ब्रिटेन के अधिकारियों ने जापाने के ऑफिशल्स से मुलाकात की। दोनों दलों के बीच टोकियो में बैठक हुई।

ब्रिटेन के 5G नेटवर्क से हटेंगे हुवावे के उपकरण
इससे पहले ब्रिटेन ने चीन के हुवावे से दूरी बनाते हुए साल 2027 तक अपने 5G नेटवर्क से हुवावे के उपकरण हटाने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। ब्रिटेन ने कुछ समय पहले यूरोपियन यूनियन से बाहर निकलने का फैसला लिया है।

अमेरिका में भी हुवावे बैन
चीन की हुवावे पर अमेरिका भी बैन लगा चुका है। अमेरिका और चीन के बीच बीते काफी समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। हुवावे पर बैन के बाद कंपनी किसी भी गूगल सर्विस का इस्तेमाल नहीं कर सकती है।

भारत ने भी बैन किए चीन के ऐप्स
इससे पहले भारत भी चीन के 59 ऐप्स पर बैन लगा चुका है। इसमें बेहद पॉप्युलर टिकटॉक ऐप भी शामिल था। टिकटॉक के अलावा इसमें यूसी ब्राउजर, हेलो, वीगो, शेयर इट जैसे कई ऐप शामिल थे जिन्हें भारत में काफी पसंद किया जाता है।

क्यों खास है 5G नेटवर्क
5G यूजर्स को 4G नेटवर्क से 20 गुना ज्यादा स्पीड मिलेगी। इस स्पीड का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं एक पूरी एचडी फिल्म सिर्फ 1 सेकंड में डाउनलोड की जा सकेगी। 5G यूजर्स को भीड़ में भी अपने मोबाइल प्रोवाइडर से कनेक्ट होने में 3G और 4G नेटवर्क्स के मुकाबले कोई दिक्कत नहीं होगी। एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट तक डेटा का एक पैकेट पहुंचने में जितना समय लगता है उसे लेटेंसी कहते हैं। 5G के केस में, लेटेंसी रेट 1 मिलिसेकंड होगा जबकि 4G नेटवर्क में यह रेट 10 मिलिसेकंड होता है।

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